Sunday, February 2, 2020

VLCC WELLSCIENCE GREEN COFFEE BEANS बेनिफिट्स ऑफ antioxidant

एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से होने वाले रोगों को दूर करने का काम करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट बढ़ती उम्र के प्रभावों को कम करने के साथ ही साथ कई तरह की समस्याएं जैसे – सूजन, डायबिटीज, हार्ट की समस्या व दृष्टि दोष को दूर करने का काम करते हैं। इसके अलावा यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का भी काम करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से होने वाले फायदों के बारे मे विस्तार से जानते हैं।

उम्र को बढ़ने से रोके –
कई अध्ययन इस बात को साबित कर चुकें हैं कि एंटीऑक्सीडेंट उम्र के बढ़ने की प्रक्रिया को रोक देते हैं। इटली में हुए एक अध्ययन से इस बात का पता चला कि एंटीऑक्सीडेंट न सिर्फ उम्र को बढ़ाने वाले कारकों को कम करते हैं, बल्कि वह अधिक आयु में होने वाले रोगों के खतरे को भी कम कर देते हैं। विटामिन सी, ई व कैरोटीनॉयड इसमें बेहद ही कारगर होते हैं। इसके साथ ही साथ एंटीऑक्सीडेंट लीवर को स्वस्थ रखता है। बालों को झड़ने से रोकता है। तनाव के कारण कई बार बाल झड़ने लगते हैं जिनको एंटीऑक्सीडेंट के द्वारा ठीक किया जा सकता है।

सूजन को कम करें - 
नियमित आहार में एंटीऑक्सीडेंट की कमी के कारण सूजन व कई अन्य तरह के रोग हो सकते हैं। प्रकृति से मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स को निवारक दवाओं के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
ऑक्सीकरण तब होता है, जब ऑक्सीजन एक अणु इलेक्ट्रॉन को खो देती हैं और इससे वह अस्थिर हो जाते हैं। अस्थिर ऑक्सीजन अणु दोबारा से स्थिरता पाने के लिए इलेक्ट्रॉन को पाने की कोशिश करता है। इससे डोमिनो प्रभाव (इसमें एक के बाद एक सारी कड़ियां खुलती जाती हैं) पैदा हो जाता है, जिससे मांसपेशियों में सूजन आ जाती है। एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीकरण प्रणाली को ठीक करता है, इस प्रक्रिया में सूजन कम हो जाती है।
  
हृदय को रोग मुक्त रखें - 
एंटीऑक्सीडेंट आपको हृदय रोगों से दूर रखता है। लेकिन इसके लिए विशेष तरह की प्रक्रिया को बनाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स को लेना होता है। इस विशेष तरह की प्रक्रिया के तहत एंटीऑक्सीडेंट हृदय रोग के लिए घातक फ्री रेडिकल्स को सामान्य अवस्था में ले आता है। इस तरह के एंटीऑक्सीडेंट को आप आहार से प्राप्त कर सकते हैं।
कई अध्ययन इस बात को बताते हैं कि बीटा कैरोटीन व विटामिन सी हृदय रोगों के लिए प्रभावी तरह से काम करते हैं। इस तरह की कोई रिसर्च नहीं हुई है जो यह बताती हो कि सभी एंटीऑक्सीडेंट हृदय पर सामान प्रभाव दिखाते हो। एंटीऑक्सीडेंट हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार कोलेस्ट्रोल के स्तर को भी सकारात्मक तरीके से ठीक करता है।

आंखों को स्वस्थ रखें - 
अमेरिकन ऑप्टोमैट्रिक एसोसिशन के द्वारा जारी एक रिपोर्ट में इस बात का पता चला कि एंटीऑक्सीडेंट उम्र के साथ आंखों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के खतरे को 25 प्रतिशत तक कम कर देते हैं। एस्टैक्सैंटीन एंटीऑक्सीडेंट आंखों के स्वास्थ के लिए बेहतर होता है। यह विटामिन सी के मुकाबले 65 प्रतिशत अधिक प्रभावशाली होता है। इसके अलावा ल्यूटीन (Lutein) व जियाक्सथीन (Zeaxanthin) भी आंखों के लिए अच्छे माने जाते हैं। यह मोतीयाबिंद की समस्या से भी आपको दूर रखते हैं।

डायबिटीज को नियंत्रित रखने में कारगर - 
अध्ययन बताते हैं कि फ्री रेडिकल्स के कारण डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। वहीं ग्लूकोस को अतिरिक्त लेने से भी कोशिकाएं खराब हो जाती है, जिसकी वजह से डायबिटीज हो जाती है। अध्ययन के अनुसार एंटीऑक्सीडेंट इस स्थिति को काबू में रखते हैं। एंटीऑक्सीडेंट लेने से डायबिटीज के बाद होने वाली अन्य समस्याओं के खतरे भी कम हो जाते हैं।
इसके अलावा एक अध्ययन में यह बात भी सामने आई कि पोलीफेनॉल्स (Polyphenols) आपके खून से रक्त शकर्रा के स्तर को कम करता है।

कैंसर के जोखिम को कम करें - 
अध्ययन बताते हैं कि कैंसर के दौरान शरीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की स्थिति में काफी कमी आ जाती है। इसमें उच्च एंटीऑक्सिडेंट खाद्य पदार्थों को लेने से इसके लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। अन्य अध्ययन में कहा गया है कि एंटीऑक्सिडेंट कैंसर के दौरान फ्री रेडिकल्स प्रक्रिया से होने वाली क्षति को रोक सकते हैं। हालांकि, कैंसर की रोकथाम में एंटीऑक्सिडेंट की प्रभावशीलता को सिद्ध करने के लिए कई अन्य रिसर्च की आवश्यकता है।

दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी - 
यह बात स्पष्ट है कि आयु के साथ आपकी याददाश्त में भी असर पड़ता है। ऐसे में फ्री रेडिकल्स से मस्तिष्क की तंत्रिका तंत्र को होने वाले नुकसान से बचाने में मुश्किल होती है। यदि इन फ्री रेडिकल्स पर ध्यान न दिया जाए तो यह आपके कई रोगों का कारण बन सकते हैं। इस अवस्था में आपको अल्जाइमर, मनोभ्रंस व अवसाद हो सकता है।
इसमें विटामिन सी और ई कोशिकाओं को क्षति पहुंचाने से रोकते हैं। वृद्धावस्था में आपके मस्तिष्क की सीखने और स्मृति की हानि को कम करने के लिए कुएरसेटीं (Quercetin) नामक एंटीऑक्सीडेंट यौगिक का इस्तेमाल किया जाता है। मस्तिष्क की नसों में वाले रोगों के जोखिम को दूर करने के लिए भी एंटीऑक्सीडेंट फायदेमंद साबित होते हैं।
अध्ययन के अनुसार पता चला है कि मस्तिष्क की कोशिकाओं की मृत्यु में परिणामस्वरूप होने वाली बीमारियां जैसे - स्ट्रोक, अल्जाइमर रोग, पार्किंसंस सिंड्रोम और हनटिंग्टन की बीमारी को रोकने के लिए विटामिन सी अहम भूमिका निभाता है। एंटीऑक्सिडेंट आपके विचारों के विकारों का इलाज भी करते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है - 
स्पेन में हुए एक अध्ययन के बताया गया कि विटामिन सी और ई, सेलेनियम, बीटा-कैरोटीन और जस्ता जैसे एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्वों से रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है। जिससे बैक्टीरिया, परजीवी या वायरस की वजह से होने वाले संक्रमण से आप सुरक्षित रहते हैं। अल्फा-लिपोइक एसिड एक अन्य तरह का महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में विटामिन सी और ई से अधिक प्रभावशाली सिद्ध होता है।

Vikash Swarnkaar

Author & Editor

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